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Ethno Veterinary Medicine

प्रश्नोत्तरी – भेड़ – बकरियों में पांव सड़न रोग

डा. अत्तर सिंह* *पशु शल्य चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल, दबखेड़ा (कुरूक्षेत्र) – हरियाणा प्रश्न : भेड़ – बकरियों में पांव सड़न रोग क्या है? उत्तर : यह भेड़-बकरियों में जीवाणुओं द्वारा फैलने वाला संक्रामक एवं छूत का रोग है। इस रोग से भेड़-पालकों को बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला …

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भेड़ – बकरियों में पांव सड़न रोग

डा. अत्तर सिंह1, डा. के.एल. दहिया1, डा. जसवीर सिंह पंवार2 1. पशु शल्य चिकित्सक, 2. उपमण्डल अधिकारी (पशुपालन एवं डेयरी विभाग) थानेसर – हरियाणा भेड़-बकरियों में पांव सड़न रोग, खुरों का एक संक्रामक रोग है, जिसे विशेष रूप से भेड़ और बकरियों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक बीमारी माना जाता …

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धनतेरस – भगवान धनवन्तरि जयन्ती

डा. के.एल. दहिया* *पशु चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल, हमीदपुर (कुरूक्षेत्र), पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि भारत विधिताओं का देश है जहाँ पर प्रति माह-प्रति सप्ताह कोई-न-कोई त्योहार मनाया ही जाता है। इनमें से दीवावली महापर्व विशेष रूप से देशभर में हर्षोल्लास से मनाया जाता …

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औषधीय पौधों का आजीविका में महत्त्व एवं उनका सरंक्षण

डा. के.एल. दहिया**पशु चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल, हमीदपुर (कुरूक्षेत्र)पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा ग्रामीण आँचल में पशुओं को चारा खिलाने के लिए बहुत से पशुपालकों खासतौर से सीमान्त एवं भूमिहीन ग्रामीणों को खरपतवार रूपी चारा एकत्रित करने से दिन की शुरूआत होती है। गर्मियों के मौसम में ये परिवार पशुओं …

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परम्परागत औषधी विज्ञान की ऐतिहासिक यात्रा

डा. के.एल. दहिया**पशु चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल, हमीदपुर (कुरूक्षेत्र)पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा परम्परागत औषधी विज्ञान, उतना ही पुराना है जितनी मानव सभ्यता है। मानव ने अपनी आवश्यकतानुसार पशुओं को पालना शुरू किया और उनका उपचार भी मनुष्य द्वारा उनके पालने के साथ ही सहस्राब्धियों पुराना ही है। मानव द्वारा …

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एथनोवेटरीनरी पशु चिकित्सा

डा. के.एल. दहिया**पशु चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल, हमीदपुर (कुरूक्षेत्र)पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा प्राकृतिक चिकित्सा एक ऐसी अनूठी पद्दति है जिसमें जीवन के शारीरिक, मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक खण्डों के रचनात्मक सिद्धांतों के साथ व्यक्ति के सद्भाव का निर्माण होता है। इसमें स्वास्थ्य प्रोत्साहन, रोग निवारक और उपचारात्मकता के साथ-साथ …

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