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तापघात से बचें पशुपालक एवं किसान

के.एल. दहिया1 एवं अत्तर सिंह2

पशु चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल हमीदपुर1 एवं दबखेड़ा2 (कुरूक्षेत्र) हरियाणा

भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है और कृषि से जुड़े किसानों, मजदूरों एवं पशुपालकों को खेती के कार्य एवं पशुओं का चारा एकत्रित करने या पशुओं को चराने के लिए खेतों में जाना ही पड़ता है। साधन संपन्न न होने के कारण बहुत से ग्रामीणों को गर्मी-सर्दी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रतिवर्ष जूझना ही पड़ता है। गर्मी के मौसम में, खेतों में कार्य करते समय पशुपालकों एवं किसानों को तापघात होना सामान्य सी बात है जिससे कई बार मृत्यु भी हो जाती है।

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