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पशु रोगों के घरेलु उपचार

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र – हरियाणा जब भी कभी पशुओं को थनैला रोग, बुखार, दर्द अथवा सूजन इत्यादि हो जाती है तो उनको एंटीबायोटिक, ज्वरनाशी, दर्दनिवारक और सूजनहारी दवाएं दी जाती हैं। यदि यही औषधियाँ दुधारू, अण्डा मांस उत्पादन करने वाले पशुओं को दी …

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उचित लाभ उपार्जन के लिए डेयरी पशुओं का आहार प्रबंधन

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। पशुपालन कृषि का एक अभिन्न अंग है जिसे पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने का सबसे आशाजनक क्षेत्र माना जाता है। माँस, अण्डे, दूध, फर, चमड़ा और ऊन जैसे श्रम और वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए पशुधन को कृषि क्षेत्र के …

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लाभप्रदता के लिए आवश्यक है डेयरी पशुओं में रिपीट ब्रीडिंग का समाधान

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। डेयरी पशुओं में पशुओं की प्रजनन क्षमता पशुपालकों की आय का प्रमुख निर्धारक है जिसका आंकलन डेयरी पशुओं में मादा द्वारा प्रतिवर्ष एक संतान पैदा करने की क्षमता से किया जाता है। उन्नत पशुपालन व्यवसाय के लिए यह आवश्यक है …

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भारत के डेयरी व्यवसाय में मादा लिंग वर्गीकृत वीर्य के उपयोग से प्रजनन क्रान्ति

के.एल. दहिया1, एवं जसवीर सिंह पंवार2 1पशु चिकित्सक, 2उप मण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग,कुरूक्षेत्र, हरियाणा। डेयरी पशुओं की लाभप्रदता आनुवंशिक रूप से उच्च उत्पादक मादा बछड़ियों के उत्पादन पर निर्भर करती है। कृत्रिम गर्भाधान उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले पशुधन प्रदान करने वाली चल रही तकनीकों का परिणाम है। लिंग …

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डेयरी पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान: इतिहास, फायदे एवं सीमाएं

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2 एवं अत्तर सिंह1 1पशु चिकित्सक, 2उप मण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान एक ऐसी कला या विधि है जिसमें साँड से वीर्य लेकर उसको विभिन्न क्रियाओं के माध्यम से संचित किया जाता है। यह संचित किया हुआ वीर्य तरल …

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डेयरी पशुओं में प्रजनन क्षमता सुधार के लिए मद के लक्षणों की पहचान भी आवश्यक

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2 एवं अत्तर सिंह1 1पशु चिकित्सक, 2उप मण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। डेयरी व्यवसाय में मादा पशुओं की उत्पादकता, उनके द्वारा संतान पैदा करने के साथ-साथ उनके पालन-पोषण पर निर्भर करती है। सही पालन-पोषण होने के बावजूद भी मादा गाय/भैंस का गर्भधारण न …

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पर्यायवरण एवं मानव हितैषी फसल अवशेषों का औद्योगिक एवं भू-उर्वरकता प्रबंधन

के.एल. दहिया1, आदित्य2 एवं जे.एन. भाटिया3 1पशु चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल, हमीदपुर (कुरूक्षेत्र) हरियाणा2स्नातकोतर छात्र (पादप रोग), बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) 3सेवानिवृत प्रधान वैज्ञानिक (पादप रोग), कृषि विज्ञान केन्द्र, कुरूक्षेत्र, हरियाणा फसल कटाई की बात चाहे हाथ से हो या आधुनिक औद्योगिक क्रांन्ति के दौर में …

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फसल अवशेष न जलाने के लाभ: अतिरिक्त धनोपार्जन

के.एल. दहिया1, आदित्य2 एवं जे.एन. भाटिया3 1पशु चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल, हमीदपुर (कुरूक्षेत्र) हरियाणा2स्नातकोतर छात्र (पादप रोग), बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश)3सेवानिवृत प्रधान वैज्ञानिक (पादप रोग), कृषि विज्ञान केन्द्र, कुरूक्षेत्र, हरियाणा उचित प्रबंधन न होने के कारण किसान को अगली फसल की बिजाई हेतु खेत को तैयार …

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