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Animal Husbandry

बच्चों को दूध पिलाने वाले स्तनपायी जीवों के कुछ रोचक तथ्य

नीली व्हेलसंतान 50% वसा वाला दूध पीने से प्रतिदिन लगभग 220 पाउंड प्राप्त करती हैग्रे कंगारूबड़ी और छोटी संतानों के लिए एक ही समय में दो अलग-अलग प्रकार का दूध बनाता हैभूरा भालूसंतान का जन्म और पालन-पोषण हाइबरनेशन के दौरान होता हैहोल्स्टीन फ्रिज़ियन गायएक दिन में 22-26 लीटर दूध बनाता …

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Some Interesting Facts About Mammals That Feed Babies

Blue whalesOffspring gain almost 220 pounds a day drinking milk that is 50% fatGrey KangarooMakes two different kinds of milk at the same time for older and younger offspringGrizzly bearOffspring are born and nursed during hibernationHolstein Friesian CowMakes 6-7 gallons of milk a dayMouseIn two weeks, can make its own …

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एथनोवेटरीनरी चिकित्सा: डेयरी पशुओं में पारंपरिक उपचार

के.एल. दहिया, पशु चिकित्सकपशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र – हरियाणा आदिकाल से ही मनुष्यों और जीव-जंतुओं में संक्रामक रोग रहे हैं जिनका विभिन्न प्रकार की चिकित्सा पद्दतियों जैसे कि लोक/परंपरागत चिकित्सा (एथनोमेडिसिन), संहिताबद्ध शास्त्रीय (आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी और तिब्बती) चिकित्सा, संबद्ध प्रणालियाँ (योग और प्राकृतिक चिकित्सा) और पश्चिमी मूल की …

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ब्रुसेलोसिस: पशुओं एवं मनुष्यों में पशुजन्य रोग

के.एल. दहिया* एवं संदीप गुलिया* *पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा ब्रुसेलोसिस गायों, भैंसों, भेड़ों, बकरियों और सूअरों में ब्रुसेला जीवाणुओं के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है जिसका महत्वपूर्ण आर्थिक प्रभाव पड़ता है। ब्रुसेलोसिस एक व्यावसायिक प्राणीरूजा रोग है जो संक्रमित जानवरों से मनुष्यों में फैलता …

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स्वस्थ भविष्य के लिए आवश्यक है प्राणीरूजा रोगों का ज्ञान

के.एल. दहिया1 एवं आभा2 1पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा; 2विद्यार्थी, मदरहुड आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय, रूड़की – उतराखण्ड प्राणीरूजा रोग ऐसे रोग और संक्रमण जो कशेरूकी पशुओं (पालतू एवं वन्य जीवों) और मनुष्यों के बीच संचरित होते हैं और समय-समय पर मनुष्यों बहुत बड़े पैमाने पर संक्रमण और मृत्यु …

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पशुओं में उष्मीय तनाव – प्रभाव एवं बचाव

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2 एवं प्रेम सिंह3 1पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, 3उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा भारतवर्ष में वातावरण का तापमान अनोखा है जहाँ उष्णकटिबंधीय दक्षिण भारत में अच्छी वर्षा होती है तो उत्तरी भारत के पहाड़ी क्षेत्र बर्फ की चादर में लिपटे रहते हैं। इसके विपरीत पश्चिमी …

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भैंस पालन में बाधक कारक और उनका निवारण

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2  एवं प्रेम सिंह3 1पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, 3उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है जिसका पशुपालन एक अभिन्न अंग है। हालांकि, भारत मंर गायों की संख्या अधिक है फिर भी अधिकांश राज्यों खासतौर से हरियाणा राज्य में भैंस के दूध …

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पशु स्वास्थ्य कर्मियों का कोविड-19 महामारी के दौरान पशु और मानव स्वास्थ्य में सुरक्षात्मक योगदान

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2  एवं प्रेम सिंह3 1पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, 3उपनिदेशक पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा एक ओर जहां 21वीं सदी के प्रारंभ से कोरोनावायरस के सार्स और मर्स जैसे संक्रमणों से झेला है और अब कोविड-19 से जूझ रहा है। वर्ष 2019 के दिसंबर माह की शुरूआत …

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पशु रोगों के घरेलु उपचार

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र – हरियाणा जब भी कभी पशुओं को थनैला रोग, बुखार, दर्द अथवा सूजन इत्यादि हो जाती है तो उनको एंटीबायोटिक, ज्वरनाशी, दर्दनिवारक और सूजनहारी दवाएं दी जाती हैं। यदि यही औषधियाँ दुधारू, अण्डा मांस उत्पादन करने वाले पशुओं को दी …

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