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लाभप्रदता के लिए आवश्यक है डेयरी पशुओं में रिपीट ब्रीडिंग का समाधान

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। डेयरी पशुओं में पशुओं की प्रजनन क्षमता पशुपालकों की आय का प्रमुख निर्धारक है जिसका आंकलन डेयरी पशुओं में मादा द्वारा प्रतिवर्ष एक संतान पैदा करने की क्षमता से किया जाता है। उन्नत पशुपालन व्यवसाय के लिए यह आवश्यक है …

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भारत के डेयरी व्यवसाय में मादा लिंग वर्गीकृत वीर्य के उपयोग से प्रजनन क्रान्ति

के.एल. दहिया1, एवं जसवीर सिंह पंवार2 1पशु चिकित्सक, 2उप मण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग,कुरूक्षेत्र, हरियाणा। डेयरी पशुओं की लाभप्रदता आनुवंशिक रूप से उच्च उत्पादक मादा बछड़ियों के उत्पादन पर निर्भर करती है। कृत्रिम गर्भाधान उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले पशुधन प्रदान करने वाली चल रही तकनीकों का परिणाम है। लिंग …

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डेयरी पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान: इतिहास, फायदे एवं सीमाएं

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2 एवं अत्तर सिंह1 1पशु चिकित्सक, 2उप मण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान एक ऐसी कला या विधि है जिसमें साँड से वीर्य लेकर उसको विभिन्न क्रियाओं के माध्यम से संचित किया जाता है। यह संचित किया हुआ वीर्य तरल …

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डेयरी पशुओं में प्रजनन क्षमता सुधार के लिए मद के लक्षणों की पहचान भी आवश्यक

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2 एवं अत्तर सिंह1 1पशु चिकित्सक, 2उप मण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। डेयरी व्यवसाय में मादा पशुओं की उत्पादकता, उनके द्वारा संतान पैदा करने के साथ-साथ उनके पालन-पोषण पर निर्भर करती है। सही पालन-पोषण होने के बावजूद भी मादा गाय/भैंस का गर्भधारण न …

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भारतीय एवं यूरोपियन गायों में तुलनात्मक अंतर

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा 1.5 लाख साल पहले पृथ्वी पर अकस्मात् प्राकृतिक एवं भौगोलिक घटनाएं घटी जिससे वायुमण्डल में तेजी से बदलाव आया और परिणाम स्वरूप बॉस जेनरा के शरीर में भी उसके आनुवंशिक (Genetic) रचना में अन्तर्भूत बदलाव आया। परिणाम स्वरूप 6 तरह …

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रोमंथी पशुओं में बदहजमी (अपच)

के.एल. दहिया1, प्रदीप कुमार2 एवं जसवीर सिंह पंवार3 1पशु चिकित्सक, 3उप मण्डल अधिकरी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा; 2छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। बदहजमी (अपच) की स्थिति में अधिक मात्रा में अपचित आहार रूमेन में एकत्रित हो जाता है, जिसके कारण रूमेन की कार्य करने की …

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भेड़-बकरियों में संक्रामक पीबभरी रोग

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2 एवं प्रदीप कुमार31पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा3छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। भेड़-बकरियों में पाया जाने वाला पीबभरी रोग विषाणुजनित संक्रामक एवं छूत का रोग है जो आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोगों में से एक है। इस रोग को …

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Lumpy Skin Disease in Bovines

K.L. Dahiya1, U.B. Sontakke2 & Y.D. Waghmare2Veterinary Surgeon, Department of Animal Husbandry & Dairying, Kurukshetra, Haryana 2LDO, Department of Animal Husbandry & Dairying, Maharashtra Lumpy skin disease is a vector borne, neglected viral disease caused by lumpy skin disease virus, a member of Capripoxvirus genus of Poxviridae family.  It is …

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पशुपालक भी समझें पशुओं का मौलिक स्वास्थ्य निरीक्षण

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार एवं अत्तर सिंह1 1पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा भारतीय अर्थव्यवस्था में पशुधन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में छोटे ग्रामीण परिवारों की आय में पशुधन का योगदान 16% है, जबकि सभी ग्रामीण परिवारों का औसत 14% है। पशुधन ग्रामीण …

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ए1 और ए2 दूध: मिथक और तथ्य

के.एल. दहियापशु चिकित्सक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा दूध प्रकृति द्वारा ​दिया एक अमूल्य पदार्थ है। यदि किसी परिवार में दूधारू पशु हैं तो उस परिवार में भूखे मरने की नौबत नही आती है। 1990 के दशक में, न्यूजीलैंड में इलियट और मैकलैक्लन ने एक परिकल्पना विकसित की …

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