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Animal Husbandry

एथनोवेटरीनरी चिकित्सा: डेयरी पशुओं में पारंपरिक उपचार

के.एल. दहिया, पशु चिकित्सकपशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र – हरियाणा आदिकाल से ही मनुष्यों और जीव-जंतुओं में संक्रामक रोग रहे हैं जिनका विभिन्न प्रकार की चिकित्सा पद्दतियों जैसे कि लोक/परंपरागत चिकित्सा (एथनोमेडिसिन), संहिताबद्ध शास्त्रीय (आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी और तिब्बती) चिकित्सा, संबद्ध प्रणालियाँ (योग और प्राकृतिक चिकित्सा) और पश्चिमी मूल की …

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ब्रुसेलोसिस: पशुओं एवं मनुष्यों में पशुजन्य रोग

के.एल. दहिया* एवं संदीप गुलिया* *पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा ब्रुसेलोसिस गायों, भैंसों, भेड़ों, बकरियों और सूअरों में ब्रुसेला जीवाणुओं के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है जिसका महत्वपूर्ण आर्थिक प्रभाव पड़ता है। ब्रुसेलोसिस एक व्यावसायिक प्राणीरूजा रोग है जो संक्रमित जानवरों से मनुष्यों में फैलता …

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स्वस्थ भविष्य के लिए आवश्यक है प्राणीरूजा रोगों का ज्ञान

के.एल. दहिया1 एवं आभा2 1पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा; 2विद्यार्थी, मदरहुड आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय, रूड़की – उतराखण्ड प्राणीरूजा रोग ऐसे रोग और संक्रमण जो कशेरूकी पशुओं (पालतू एवं वन्य जीवों) और मनुष्यों के बीच संचरित होते हैं और समय-समय पर मनुष्यों बहुत बड़े पैमाने पर संक्रमण और मृत्यु …

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पशुओं में उष्मीय तनाव – प्रभाव एवं बचाव

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2 एवं प्रेम सिंह3 1पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, 3उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा भारतवर्ष में वातावरण का तापमान अनोखा है जहाँ उष्णकटिबंधीय दक्षिण भारत में अच्छी वर्षा होती है तो उत्तरी भारत के पहाड़ी क्षेत्र बर्फ की चादर में लिपटे रहते हैं। इसके विपरीत पश्चिमी …

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भैंस पालन में बाधक कारक और उनका निवारण

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2  एवं प्रेम सिंह3 1पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, 3उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है जिसका पशुपालन एक अभिन्न अंग है। हालांकि, भारत मंर गायों की संख्या अधिक है फिर भी अधिकांश राज्यों खासतौर से हरियाणा राज्य में भैंस के दूध …

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पशु स्वास्थ्य कर्मियों का कोविड-19 महामारी के दौरान पशु और मानव स्वास्थ्य में सुरक्षात्मक योगदान

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2  एवं प्रेम सिंह3 1पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, 3उपनिदेशक पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा एक ओर जहां 21वीं सदी के प्रारंभ से कोरोनावायरस के सार्स और मर्स जैसे संक्रमणों से झेला है और अब कोविड-19 से जूझ रहा है। वर्ष 2019 के दिसंबर माह की शुरूआत …

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पशु रोगों के घरेलु उपचार

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र – हरियाणा जब भी कभी पशुओं को थनैला रोग, बुखार, दर्द अथवा सूजन इत्यादि हो जाती है तो उनको एंटीबायोटिक, ज्वरनाशी, दर्दनिवारक और सूजनहारी दवाएं दी जाती हैं। यदि यही औषधियाँ दुधारू, अण्डा मांस उत्पादन करने वाले पशुओं को दी …

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उचित लाभ उपार्जन के लिए डेयरी पशुओं का आहार प्रबंधन

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। पशुपालन कृषि का एक अभिन्न अंग है जिसे पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने का सबसे आशाजनक क्षेत्र माना जाता है। माँस, अण्डे, दूध, फर, चमड़ा और ऊन जैसे श्रम और वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए पशुधन को कृषि क्षेत्र के …

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लाभप्रदता के लिए आवश्यक है डेयरी पशुओं में रिपीट ब्रीडिंग का समाधान

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। डेयरी पशुओं में पशुओं की प्रजनन क्षमता पशुपालकों की आय का प्रमुख निर्धारक है जिसका आंकलन डेयरी पशुओं में मादा द्वारा प्रतिवर्ष एक संतान पैदा करने की क्षमता से किया जाता है। उन्नत पशुपालन व्यवसाय के लिए यह आवश्यक है …

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