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3rd Plant Science Researchers Meet (PSRM) – 2020

National Conference On Natural and Agricultural SciencesIssues Challenges and Opportunities26th & 27th September, 2020Organized byAssociation of Plant Science Researchers (APSR)Official Organization of Plantica Foundation(Regt. Under The Indian Trust Act 1882 and Ministry of MSME, Govt. of India, ISO 9001:2015)Dehradun, Uttarakhand Abstract-and-Souvenir-3rd-PSRM-2020 +0-00 ratings

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बबेसियोसिस: रोमंथी पशुओं में लहू मूतना रोग

के.एल. दहिया1, संदीप गुलिया1 एवं प्रदीप कुमार2 1पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा2छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। बबेसियोसिस चिचड़ियों के काटने से फैलने वाला, खून में पाये जाने वाले कोशिकीय सूक्ष्म बबेसिया नामक प्रोटोजोआ के कारण होता है जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित पशु को भूख न …

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एनाप्लाज्मोसिस: रोमंथी पशुओं में एक घातक रोग

के.एल. दहिया1, संदीप गुलिया1 एवं प्रदीप कुमार2 1पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा 2छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। पशुओं में होने वाला यह संक्रामक रोग रिकेट्सिया नामक जीवाणुओं से होता है जो पशुओं में चिचड़ियों, मक्खियों एवं मच्छरों के काटने से फैलता है। आमतौर पर …

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भारत में बैकयार्ड कुक्कुट पालन एवं कुक्कुटों की देशी नस्लें

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा भारत सहित विश्व में विभिन्न प्रकार के पशु पक्षी पाए जाते हैं जिनमें ग्रामीण आँचल में कुक्कुट पालन को एक घरेलु एवं व्यवसायिक रूप से किया जाता है। कुक्कुट पालन में मुर्गी पालन के अलावा बत्तख, टर्की एवं टर्की पालन …

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थिलेरियोसिस : रोमंथी पशुओं में एक घातक संक्रमण

के.एल. दहिया1, संदीप गुलिया1 एवं प्रदीप कुमार2 1पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। 2छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। चिचड़ियों के काटने से फैलने वाला थिलेरियोसिस रोमंथी (Ruminants) मवेशियों में पाया जाने वाला घातक रोग है जिसे आमतौर पर चिचड़ी बुखार भी कहते हैं। अंतराष्ट्रीय स्तर …

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रोमंथी पशुओं में चिचड़ियों का प्रकोप एवं उनसे होने वाले रोग एवं नियंत्रण

के.एल. दहिया1, संदीप गुलिया1 एवं प्रदीप कुमार2 1पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा2छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। बाह्य परजीवियों में चिचड़ियाँ, रोमंथी पशुओं जैसे कि गाय, भैंस, भेड़, बकरी इत्यादि में सबसे अधिक हानि पहुंचाती हैं। एक चिचड़ी दिन में 0.5 से 1.5 मि.ली. खून …

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गायों-भैंसों में योनि बाहर निकलने की समस्या

के.एल. दहिया1, प्रवीण कुमार1 एवं प्रदीप कुमार2 1पशु चिकित्सक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा। 2छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। मादा गायों एवं भैंसों में योनि का शरीर से बाहर निकलना, पशुओं के लिये तो बहुत ही कष्टदायी होता है जबकि पशुपालकों को भी अपने पशु …

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अण्डे खाने के लाभ

के.एल. दहिया1 एवं प्रदीप कुमार2 1पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा2छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। अण्डे प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत होने के साथ-साथ इनमें विटामिन एवं खनिज तत्व भी पाये जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हितकारी होते हैं। अण्डों का सेवन हर आयुवर्ग के …

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पालतु पशुओं में सर्रा रोग

के.एल. दहिया1 एवं प्रदीप कुमार2 1पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा2छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। पशुओं में सर्रा रोग के लक्षण एक समान नहीं मिलते हैं। किसी में कोई एक लक्षण पाया जाता है तो अन्य में दूसरे लक्षण देखने को मिलते हैं। कभी-कभी तो …

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