दस्तक देती कोविड-19 महामारी

डा. के.एल. दहिया आज संपूर्ण विश्व कोरोना वायरस के प्रकोप से जूझ रहा है जिसकी चपेट में आने का डर हर व्यक्ति को सता रहा है। कोरोना वायरस आमतौर पर मनुष्य सहित बहुत से पशु-पक्षियों में पाया जाता है जो केवल जीव विशेष को ही प्रभावित करता आया था लेकिन …

Read More »

सूअर पालन – एक लाभदायक व्यवसाय

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल, हमीदपुर (कुरूक्षेत्र)पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा सूअर पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिससे रोजगार के साथ-साथ अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी अर्जित किया जा सकता है। चीन में एक कहावत कही जाती है ‘अधिक सूअर – अधिक खाद – अधिक अनाज’ अर्थात जिसके पास …

Read More »

भारतीय एवं यूरोपियन गायों में तुलनात्मक अंतर

के.एल. दहिया पशु चिकित्सक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा 1.5 लाख साल पहले पृथ्वी पर अकस्मात् प्राकृतिक एवं भौगोलिक घटनाएं घटी जिससे वायुमण्डल में तेजी से बदलाव आया और परिणाम स्वरूप बॉस जेनरा के शरीर में भी उसके आनुवंशिक (Genetic) रचना में अन्तर्भूत बदलाव आया। परिणाम स्वरूप 6 तरह …

Read More »

रोमंथी पशुओं में बदहजमी (अपच)

के.एल. दहिया1, प्रदीप कुमार2 एवं जसवीर सिंह पंवार3 1पशु चिकित्सक, 3उप मण्डल अधिकरी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा; 2छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। बदहजमी (अपच) की स्थिति में अधिक मात्रा में अपचित आहार रूमेन में एकत्रित हो जाता है, जिसके कारण रूमेन की कार्य करने की …

Read More »

फसल अवशेष जलाना: मानवता और पर्यावरण के लिए खतरा

के.एल. दहिया1, आदित्य2 एवं जे.एन. भाटिया3 1पशु चिकित्सक, राजकीय पशु हस्पताल, हमीदपुर (कुरूक्षेत्र) हरियाणा2स्नातकोतर छात्र (पादप रोग), बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश)3सेवानिवृत प्रधान वैज्ञानिक (पादप रोग), कृषि विज्ञान केन्द्र, कुरूक्षेत्र, हरियाणा बढ़ती आबादी की खाद्यान्न आपूर्ति को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाना ही होगा और इसी …

Read More »

भेड़-बकरियों में संक्रामक पीबभरी रोग

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार2 एवं प्रदीप कुमार31पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा3छात्र, बी.वी.एससी. एण्ड ए.एच. (इंटर्नी) आई.आई.वी.ई.आर. रोहतक, हरियाणा। भेड़-बकरियों में पाया जाने वाला पीबभरी रोग विषाणुजनित संक्रामक एवं छूत का रोग है जो आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रोगों में से एक है। इस रोग को …

Read More »

Lumpy Skin Disease in Bovines

K.L. Dahiya1, U.B. Sontakke2 & Y.D. Waghmare2Veterinary Surgeon, Department of Animal Husbandry & Dairying, Kurukshetra, Haryana 2LDO, Department of Animal Husbandry & Dairying, Maharashtra Lumpy skin disease is a vector borne, neglected viral disease caused by lumpy skin disease virus, a member of Capripoxvirus genus of Poxviridae family.  It is …

Read More »

पशुपालक भी समझें पशुओं का मौलिक स्वास्थ्य निरीक्षण

के.एल. दहिया1, जसवीर सिंह पंवार एवं अत्तर सिंह1 1पशु चिकित्सक, 2उपमण्डल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा भारतीय अर्थव्यवस्था में पशुधन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में छोटे ग्रामीण परिवारों की आय में पशुधन का योगदान 16% है, जबकि सभी ग्रामीण परिवारों का औसत 14% है। पशुधन ग्रामीण …

Read More »

ए1 और ए2 दूध: मिथक और तथ्य

के.एल. दहियापशु चिकित्सक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र, हरियाणा दूध प्रकृति द्वारा ​दिया एक अमूल्य पदार्थ है। यदि किसी परिवार में दूधारू पशु हैं तो उस परिवार में भूखे मरने की नौबत नही आती है। 1990 के दशक में, न्यूजीलैंड में इलियट और मैकलैक्लन ने एक परिकल्पना विकसित की …

Read More »

विश्व प्रसिद्ध मुर्राह भैंस : हरियाणा का काला सोना

जसवीर सिंह पंवार1 एवं के.एल. दहिया2 1उपमण्डल अधिकारी, 2 पशु चिकित्सक, पशु पालन एवं डेयरी विभाग, कुरूक्षेत्र – हरियाणा। मुर्राह नस्ल विश्व की सबसे अधिक दुग्धोत्पादन करने वाली भैंस है जिसको हरियाणा राज्य का गौरव कहा जाता है। उच्च विक्रय दाम होने के कारण मुर्राह भैंस को हरियाणा का काला …

Read More »

3rd Plant Science Researchers Meet (PSRM) – 2020

National Conference On Natural and Agricultural SciencesIssues Challenges and Opportunities26th & 27th September, 2020Organized byAssociation of Plant Science Researchers (APSR)Official Organization of Plantica Foundation(Regt. Under The Indian Trust Act 1882 and Ministry of MSME, Govt. of India, ISO 9001:2015)Dehradun, Uttarakhand Abstract-and-Souvenir-3rd-PSRM-2020 +0-00 ratings

Read More »