होली का बदलता स्वरूप – जीवन में रस का प्रतीक
होली का उत्सव फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है जो फरवरी और मार्च के महीने में पड़ती है। पहले दिन होलिका दहन किया जाता है जिसमें अग्नि प्रज्वलित की जाती है। होलिका दहन के अगले दिन रंग, गुलाल और उत्सव का आनंद लिया जाता है। होली का उत्सव असुर राजा हिरण्यकश्यप की बहन होलिका से जुड़ा पर्व पुराणों में बताया गया है। भारत में होली अलग-अलग रूपों में मनाई जाती है जैसे- ब्रज क्षेत्र में लठमार होली, पश्चिम बंगाल में बसंत उत्सव, पंजाब में होला-मोहल्ला आदि। होली एक बहुरंगी सांस्कृतिक परम्परा है।
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